अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने सभी राज्यों को निर्देश जारी करते हुए अरावली क्षेत्र में नई
खानों को मंजूरी न देने और पहले से संचालित खानों पर सख्ती बढ़ाने के आदेश दिए हैं। सरकार का कहना है कि अवैध और अनियंत्रित खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे भूजल स्तर, वन्यजीव और स्थानीय जलवायु पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
निर्देशों के तहत राज्यों को खनन गतिविधियों की नियमित निगरानी, पर्यावरणीय नियमों का सख्त पालन और अवैध खानों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के संकेत भी दिए गए हैं।
इस मुद्दे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। उनका कहना है कि अरावली में खनन पर रोक और नियंत्रण को लेकर पहले से ही नियम मौजूद हैं और यह फैसला उन्हीं निर्देशों की पुनरावृत्ति है।
हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन आदेशों को जमीन पर सख्ती से लागू किया गया, तो अरावली क्षेत्र में हरियाली और जैव विविधता को बचाने में मदद मिल सकती है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि राज्य सरकारें इन निर्देशों को किस हद तक प्रभावी ढंग से लागू कर पाती हैं।
Published: December 25, 2025
Related News
- राजस्थान- मार्च में ही हीटवेव का अलर्ट,पारा 40 के करीब:दिन में झुलसाने वाली धूप, रात ठंडी; जानें- अचानक इतनी गर्मी क्यों बढ़ी
- पोस्टपोन हुई यश की Toxic, रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 के साथ नहीं होगी रिलीज; क्यों लिया गया ये फैसला?
- न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में बनाई जगह, एलन ने जड़ा शतक
Source: Meta News Channel
More Top News
- राजस्थान- मार्च में ही हीटवेव का अलर्ट,पारा 40 के करीब:दिन में झुलसाने वाली धूप, रात ठंडी; जानें- अचानक इतनी गर्मी क्यों बढ़ी
- पोस्टपोन हुई यश की Toxic, रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 के साथ नहीं होगी रिलीज; क्यों लिया गया ये फैसला?
- न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में बनाई जगह, एलन ने जड़ा शतक
- SMS हॉस्पिटल में लोकल स्तर पर दवा खरीद का खेल:स्टॉक में दवाइयां होने के बावजूद मरीजों को खाली हाथ लौटाया जा रहा








