पिछले चार दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर चांदी करीब 10 प्रतिशत तक सस्ती हो गई है, लेकिन इसका पूरा असर अभी घरेलू बाजार में देखने को नहीं मिला है। देश के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में करीब 6.75 प्रतिशत की ही गिरावट आई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और औद्योगिक मांग में सुस्ती के चलते चांदी की कीमतों पर दबाव बना है। वहीं घरेलू बाजार में टैक्स, आयात शुल्क और मांग–आपूर्ति की स्थिति के कारण कीमतों में गिरावट सीमित रही है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव में बीते कुछ दिनों में हजारों रुपये प्रति किलो की कमी दर्ज की गई है, हालांकि कारोबारी मानते हैं कि अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ज्वैलरी और औद्योगिक उपयोग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में गिरावट से मांग बढ़ने की उम्मीद है, खासकर शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए।
निवेश के लिहाज से जानकार सलाह दे रहे हैं कि चांदी में निवेश करने से पहले बाजार के रुझान और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल के अनुसार घरेलू कीमतों में और बदलाव संभव है।
Published: January 2, 2026
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Source: Meta News Channel
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