नई दिल्ली अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील में कृषि और डेयरी सेक्टर सबसे बड़ा विवाद का विषय बने हुए हैं। अमेरिका
चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए और अधिक खोले, ताकि अमेरिकी किसानों और डेयरी उत्पादकों को भारत जैसे बड़े बाजार में सीधी पहुंच मिल सके। खासतौर पर अमेरिका भारत से डेयरी उत्पादों, सेब, बादाम, मक्का और सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने की मांग कर रहा है। वहीं भारत का रुख इस मुद्दे पर काफी सतर्क है। भारत का कहना है कि देश की बड़ी आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है और डेयरी सेक्टर करोड़ों छोटे किसानों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। भारतीय डेयरी उद्योग सहकारी मॉडल पर आधारित है और विदेशी उत्पादों के सस्ते आयात से स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा भारत धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों से भी अमेरिकी डेयरी उत्पादों को लेकर आपत्ति जताता रहा है। यही वजह है कि कृषि और डेयरी सेक्टर पर सहमति न बनने से ट्रेड डील की बातचीत बार-बार अटक जाती है और दोनों देशों के बीच समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं।
Published: February 5, 2026
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Source: Meta News Channel
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