राजस्थान में बम से उड़ाने की धमकियों ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों और संस्थानों को 61 बार बम धमाकों की धमकी मिल चुकी है। हर बार सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट होकर जांच करती हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में धमकी फर्जी निकलती है। इसके बावजूद हर सूचना को गंभीर मानते हुए पुलिस को व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ती है। लगातार मिल रही इन धमकियों के पीछे साइबर अपराधियों की नई रणनीति सामने आ रही है, जिसमें वे तकनीक का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपा लेते हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि धमकी देने वाले वर्चुअल नंबर, वीपीएन और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन और असली पहचान तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार धमकियां विदेशों में स्थित सर्वर के जरिए भेजी जाती हैं, जिससे कानूनी और तकनीकी अड़चनें भी बढ़ जाती हैं। राजस्थान पुलिस साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से इन मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और नई तकनीक के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही ऐसे अपराधियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि बार-बार फैलाए जा रहे डर और अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके।
Published: December 13, 2025
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Source: Meta News Channel
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