जयपुर नगर निगम के मर्जर के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन का पहला बड़ा फैसला सामने आया है। लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए निगम प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। विलय के बाद बने नए ढांचे के अनुसार अधिकारियों के पद और जिम्मेदारियां पुनः निर्धारित की गई हैं, जिससे कामकाज को सुचारू बनाने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था में कुछ अधिकारियों को नई शाखाओं का प्रभार दिया गया है, जबकि कुछ को पुराने क्षेत्रों से हटाकर नई यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल का उद्देश्य शहर में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और जनता से जुड़े कामों को तेज गति देना है। खासतौर पर स्वच्छता, राजस्व, अभियंता शाखा और हेरिटेज से जुड़े विभागों में बदलाव देखने को मिला है।
कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बढ़ाए गए हैं, जबकि कुछ को नए वार्डों का जिम्मा दिया गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि जयपुर के बढ़ते दायरे और मर्जर के बाद बढ़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए यह बदलाव आवश्यक थे। आने वाले दिनों में टीम और मजबूत की जाएगी ताकि विकास कार्यों और नगर सेवाओं में कोई रुकावट न आए।
जनता भी इस बदलाव से उम्मीद जता रही है कि नई व्यवस्थाएं शहर के कामकाज को और बेहतर व पारदर्शी बनाएंगी।
Published: November 19, 2025
Related News
- राजस्थान- मार्च में ही हीटवेव का अलर्ट,पारा 40 के करीब:दिन में झुलसाने वाली धूप, रात ठंडी; जानें- अचानक इतनी गर्मी क्यों बढ़ी
- पोस्टपोन हुई यश की Toxic, रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 के साथ नहीं होगी रिलीज; क्यों लिया गया ये फैसला?
- न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में बनाई जगह, एलन ने जड़ा शतक
Source: Meta News Channel
More Top News
- राजस्थान- मार्च में ही हीटवेव का अलर्ट,पारा 40 के करीब:दिन में झुलसाने वाली धूप, रात ठंडी; जानें- अचानक इतनी गर्मी क्यों बढ़ी
- पोस्टपोन हुई यश की Toxic, रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 के साथ नहीं होगी रिलीज; क्यों लिया गया ये फैसला?
- न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में बनाई जगह, एलन ने जड़ा शतक
- SMS हॉस्पिटल में लोकल स्तर पर दवा खरीद का खेल:स्टॉक में दवाइयां होने के बावजूद मरीजों को खाली हाथ लौटाया जा रहा














