नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर पाकिस्तान में चिंता गहराती जा रही है। पाकिस्तानी नेताओं और उद्योग जगत का दावा है कि इस डील के लागू होते ही पाकिस्तान की करीब 1 करोड़ नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। खासतौर पर टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान को अब तक यूरोपीय बाजार में जीएसपी प्लस (GSP+) के तहत जीरो-टैरिफ सुविधा मिलती रही है, लेकिन भारतीय उत्पादों को अगर EU बाजार में बेहतर पहुंच मिलती है तो पाकिस्तानी निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है। पाकिस्तानी नेताओं ने इसे “जीरो-टैरिफ हनीमून खत्म होने” जैसा बताया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत-EU डील से अरबों डॉलर का व्यापार भारत की ओर शिफ्ट हो सकता है, जिससे पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पहले से ही आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं भारत के लिए यह डील निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसर खोल सकती है। भारत-EU साझेदारी को एशिया-यूरोप व्यापार संतुलन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
Published: February 2, 2026
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Source: Meta News Channel
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