राजस्थान के कुछ गांवों में महिलाओं और लड़कियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर पंचायत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी
है। जालौर जिले की चौधरी समुदाय की सुंधामाता पट्टी पंचायत ने महिलाओं के कैमरे वाले मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह नियम 26 जनवरी 2026 से लागू होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पंचायत का यह फैसला सार्वजनिक रूप से सुनाया जाता नजर आ रहा है। पंचायत के अनुसार, महिलाएं केवल बिना कैमरे वाले मोबाइल फोन का उपयोग कर सकती हैं और वह भी सिर्फ कॉल करने के लिए। पढ़ाई के लिए मोबाइल इस्तेमाल करने वाली छात्राएं फोन को घर से बाहर नहीं ले जा सकेंगी।
पंचायत का तर्क है कि महिलाओं के पास स्मार्टफोन होने से बच्चों में मोबाइल की लत बढ़ रही है, जिससे उनकी आंखों और पढ़ाई पर असर पड़ता है। इसलिए मोबाइल इस्तेमाल को “नियंत्रित” करना जरूरी है। यह फैसला जालौर के भीनमाल क्षेत्र के कई गांवों—गाजीपुर, पावली, काल्डा, राजपुरा, खानपुर सहित अन्य गांवों में लागू किया जाएगा। हालांकि, इस फैसले को लेकर महिला अधिकार संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराज़गी जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में महिलाओं के स्मार्टफोन उपयोग पर रोक लगाना समानता और अधिकारों के खिलाफ है।
Published: December 24, 2025
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Source: Meta News Channel
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