नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में आज विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई
होगी। इस अहम मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत स्वयं करेंगे, जिसको लेकर शिक्षा जगत और छात्रों में खासा ध्यान बना हुआ है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव पैदा करते हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। याचिका में तर्क दिया गया है कि नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है, जिनमें ओबीसी, एससी, एसटी, महिलाओं और दिव्यांगों को प्रतिनिधित्व देना जरूरी किया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों को संभावित पीड़ित के रूप में शामिल नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि समानता के उद्देश्य से बनाए गए ये नियम व्यवहारिक स्तर पर असंतुलन पैदा कर सकते हैं और इससे शैक्षणिक संस्थानों में नए विवाद जन्म ले सकते हैं। वहीं दूसरी ओर यूजीसी का तर्क है कि ये नियम सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर देशभर की उच्च शिक्षण संस्थाओं की नीतियों और छात्र हितों पर पड़ सकता है।
Published: January 29, 2026
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Source: Meta News Channel
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