राजस्थान के एक सरकारी स्कूल की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बच्चों को पढ़ाई के लिए क्लासरूम नहीं
मिल पाया, तो प्रशासन ने श्मशान घाट के बरामदे को ही कक्षा बना दिया। मामला ऐसा है कि स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को एक बड़े नाले को पार करना पड़ता था, जो बरसात में और भी खतरनाक हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पास के श्मशान घाट के बरामदे में पढ़ाई शुरू करा दी गई।
विडंबना यह है कि जिस स्थान पर मृतकों की चिताएं जलती हैं, वहीं बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई है और कहा है कि यह बच्चों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अभिभावकों का कहना है कि पढ़ाई के लिए यह माहौल बिल्कुल भी उचित नहीं है।
वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और जल्द ही बच्चों के लिए उचित भवन की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन यह स्थिति इस बात का संकेत है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी शिक्षा और बुनियादी ढांचे की हालत बेहद दयनीय है।
Published: September 27, 2025
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Source: Meta News Channel
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