काठमांडू। नेपाल में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की ने बुधवार को शपथ ग्रहण किया। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह विवादों में घिर गया जब कई सांसदों ने इसका बहिष्कार कर दिया। राष्ट्रपति ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा, “अब देश बचाइए, जनता आपसे उम्मीद लगाए बैठी है।”
कार्की ऐसे समय में सत्ता संभाल रही हैं जब नेपाल लगातार हिंसा और विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा है। हाल ही में हुए विद्रोह और पूर्व पीएम केपी ओली के इस्तीफे के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। शपथ समारोह में राष्ट्रपति ने उन्हें भरोसा दिलाया कि संवैधानिक संस्थाएं सरकार का साथ देंगी, लेकिन साथ ही चेताया कि जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
सांसदों के बहिष्कार से स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक सहमति बनाना उनके लिए आसान नहीं होगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि कार्की सिर्फ सत्ता बचाने के लिए लाई गईं हैं और उनकी नियुक्ति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
हालांकि, समर्थकों का कहना है कि कार्की की नियुक्ति देश में महिलाओं की सशक्त भूमिका और लोकतंत्र को नई दिशा देगी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि वे संकटग्रस्त नेपाल को स्थिरता की ओर कैसे ले जाती हैं।
Published: September 13, 2025
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Source: Meta News Channel
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