परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतान सिंह का 63वां बलिदान दिवस समारोह बड़े सम्मान और गर्व के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद गणमान्य नागरिकों ने उनके शौर्य को नमन किया। समारोह में मेजर शैतान सिंह की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति उनके अदम्य साहस को याद किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जहां अधिकारियों ने उनकी प्रतिमा और चित्र पर पुष्प अर्पित किए। वक्ताओं ने बताया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांग ला की लड़ाई के दौरान मेजर शैतान सिंह ने जिस बहादुरी का परिचय दिया, वह भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने साथियों के साथ दुश्मन का डटकर सामना किया और अंत तक अपने कर्तव्य पर डटे रहे।
समारोह में मौजूद युवाओं और विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। आयोजन में सैन्य बैंड ने देशभक्ति धुनें प्रस्तुत कीं, जिससे माहौल और अधिक भावुक हो गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि मेजर शैतान सिंह सिर्फ एक सैनिक नहीं, बल्कि साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देश के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
Published: November 19, 2025
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Source: Meta News Channel
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