राजस्थान में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले चार दिनों में ही राज्यभर में 64 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जयपुर, फलोदी, अलवर और जैसलमेर जैसे जिलों में हुए भीषण हादसों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हाईवे पर तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी इन मौतों की बड़ी वजह बताई जा रही है। अक्टूबर महीने में अकेले 771 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई थी, जबकि साल 2025 की शुरुआत से अब तक 9 हजार 711 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में बढ़ते सड़क हादसों की भयावह स्थिति को दर्शाता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन और सड़कों की बेहतर मॉनिटरिंग से इन घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। वहीं लोगों में भी ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता की कमी देखने को मिल रही है। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने आमजन में भय का माहौल बना दिया है और लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि राजस्थान की सड़कों पर मौत का यह तांडव रुक सके।
Published: November 5, 2025
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Source: Meta News Channel
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